सेवा संकल्प अभियान 2026' के तहत 'सेवा की कहानी' श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं सागर के ग्राम जनकपुर के निवासी श्री सूरज सिंह की। एक समय था जब छोटे और सीमांत किसानों को खेती-किसानी की छोटी-मोटी जरूरतों और खाद-बीज के लिए आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था।

लेकिन शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली 'सम्मान निधि' ने उनके जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाया है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक संबल मिलने लगा है। इस कल्याणकारी योजना के सीधे लाभ से सूरज सिंह जी की दैनिक और कृषि संबंधी जरूरतें अब बिना किसी रुकावट के आसानी से पूरी हो रही हैं।

खास बातें

  • लेकिन शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली 'सम्मान निधि' ने उनके जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाया है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक संबल मिलने लगा है।
  • सम्मान निधि से मिले इस आर्थिक सहयोग ने न केवल उनके परिवार को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके जीवन में एक गहरा संतोष भी लाया है।
  • किसानों के चेहरों पर आई यह खुशहाली इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन का संकल्प सेवा का रूप लेता है, तो अन्नदाताओं के जीवन में समृद्धि और सम्मान का नया सवेरा होता है।

सम्मान निधि से मिले इस आर्थिक सहयोग ने न केवल उनके परिवार को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके जीवन में एक गहरा संतोष भी लाया है। किसानों के चेहरों पर आई यह खुशहाली इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन का संकल्प सेवा का रूप लेता है, तो अन्नदाताओं के जीवन में समृद्धि और सम्मान का नया सवेरा होता है।

इस अभूतपूर्व सहायता के लिए सूरज सिंह जी ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सहृदय आभार व्यक्त किया है।