सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत संचालित सेवा संकल्प यात्रा के तहत आज बड़ागांव धसान स्थित सांदीपनि विद्यालय में सेवा संकल्प संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से वर्चुअली शामिल हुए और सेवा यात्रियों से आत्मीय संवाद कर यात्रा के दौरान किए जा रहे सेवा कार्यों तथा उनके अनुभवों की जानकारी ली।
कार्यक्रम में जतारा विधायक श्री हरिशंकर खटीक, श्रीमती सरोज राजपूत, पूर्व विधायक श्री राकेश गिरी गोस्वामी, श्रीमती लक्ष्मी गिरी, श्री संकल्प जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सेवा यात्री एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने सेवा यात्रियों से यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सेवा कार्यों और लोगों से मिले अनुभवों के बारे में संवाद किया।
खास बातें
- यात्रियों ने बुंदेली संस्कृति से परिचित होने के साथ ही पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों का स्वाद भी लिया, जिसे उन्होंने यात्रा की सुखद स्मृतियों में शामिल बताया।
- सेवा यात्रियों ने सांदीपनि विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण का सेवा कार्य कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
सेवा यात्रियों ने बताया कि वाराणसी से प्रारंभ होकर बड़नगर तक की इस सेवा यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं और जनसेवा के विविध रूपों को करीब से जानने का अवसर मिला।
सेवा यात्रियों ने बुंदेलखंड में प्रवेश के अनुभव साझा करते हुए बताया कि यहां स्थानीय नागरिकों द्वारा जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ उनका स्वागत किया गया, वह उनके लिए विशेष अनुभव रहा। यात्रियों ने बुंदेली संस्कृति से परिचित होने के साथ ही पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों का स्वाद भी लिया, जिसे उन्होंने यात्रा की सुखद स्मृतियों में शामिल बताया।
सेवा यात्रियों ने कहा कि यात्रा के माध्यम से उन्हें जनसेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के विभिन्न आयामों को करीब से देखने और सेवा कार्यों में सहभागी बनने का अवसर मिल रहा है।
जतारा विधायक श्री हरिशंकर खटीक ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत संचालित सेवा संकल्प यात्रा (जन जल सेवा संकल्प यात्रा) विभिन्न सेवा गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा का संदेश दे रही है।
सेवा यात्रियों ने सांदीपनि विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण का सेवा कार्य कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत सेवा यात्रा समर्रा होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा की ओर रवाना हुई।





